॥ पावन पाठ ॥
जिसकी नैया श्याम भरोसे,
डोल भले सकती है, डूब नहीं सकती है………
मत घबराना तू, संकट आएंगे,
संकट भी एक दिन, जान ये जाएंगे,
तू है प्रेमी श्याम धनी का,
तुझ पर असर ना होगा, बाल ना बांका होगा,
देर भले हो जाए गाड़ी, छूट नहीं सकती है….
दर्द भले बादल, जब घिर जाएंगे,
साथ जो थे हर दम, नजर ना आएंगे,
उन घड़ियों में खाटू वाला,
लीले चढ़् जाएगा आया है आएगा,
भरी सभा में उनकी इज्जत लुट नहीं सकती है….
इनकी कृपा होगी जीवन मेहकेगा,
सुना घर तेरा एक दिन चमकेगा,
तुझ पर ताना कसने वाले,
कुछ ना कहा पाएंगे चुप वो हो जाएंगे,
शुभम रूपम किस्मत भी उनसे रूठ नहीं सकती है….