भोलेनाथ ने कर दिया काम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

के सारे हार गये जोर लगाये कर के,

भोले नाथ ने कर दिया काम डमरू भजाये कर के…….

पलक जपते करे करिश्मा ऐसा जादूघर है,

किस्मत के कल पुरजे बदले ऐसा कारीगर है,

काम चाहे जैसा हो ये करता दिखाई कर के,

भोले नाथ ने कर दिया काम डमरू भजाये कर के……..

ऐसा जोगी ऐसा मगारी ऐसा मस्त कलंदर,

अपने ये दरबार लगाये श्मशानों के अंदर,

बदन पे मुर्दे की बसम रमाये कर के,

भोले नाथ ने कर दिया काम डमरू भजाये कर के……

इस के आगे सेठ करे क्या पगड़ी टोपी वाला,

सब पे भारी पड़ जाता है सेठ लंगोटी वाला,

ये नाम कमाया है माल लुटाई कर के,

भोले नाथ ने कर दिया काम डमरू भजाये कर के…..

इसको अगर न दातार कहे तो ये अपमान है इसका,

जितने भी दातार जग में ये भगवन उसका,

छोड़ दियां वनवारी सेठ बनाये कर के,

भोले नाथ ने कर दिया काम डमरू भजाये कर के..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।