मेरो मदन गोपाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल,

धन दौलत मोहे कुछ ना चाहिए जोड़ू दोनों हाथ,

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल.....

छोटा सा एक बंगला चाहिए घुम्मन को एक कार,

धूम धाम में घर को आऊ नौकर चाहिए चार,

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल....

दाल भात खाने को चाहिए ऊपर घी की धार,

पूड़ी कचौड़ी कुछ ना चाहिए रबड़ी लच्छेदार,

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल....

जालीदार एक लहंगा चाहिए ऊपर चुनरी लाल,

गोरी गोरी भैया हरी हरी चूड़ियां अमर रहे सुहाग,

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल....

पूत तो सपुत चाहिए बहू कुलवंती नार,

आए गये की लाज रखें और दोनों कुल की लाज,

मेरो मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल.....

छोटा सा एक पोता चाहिए सर पर रख दो हाथ,

वेद डॉक्टर घर ना आवे जी वे सौ सौ साल,

मदन गोपाल मेरो मदन गोपाल.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।