सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

लांघ के सागर कैसे जाएं,

रोके हनुमत की सुरसा डगरिया चले लंका नगरिया,

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

मेरी परीक्षा ले लो माता,

अब तो कर वो कर्म की नजरिया चले लंका नगरिया,

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

जा सीता को हाल सुनाया,

राम जी की दे दी मुन्दरिया चले लंका नगरिया,

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

मेघनाथ जब बाँध के लाया,

आई देखन को सारी नगरिया चले लंका नगरिया,

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

हम सब भक्त बने है पागल,

तेरे चरणों में बीते उमरिया चले लंका नगरिया,

सीता की लेने खबरिया चले लंका नगरिया,

हो चले लंका नगरिया……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।