ओ माँ पहाड़ा वालिये सुन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ माँ पहाड़ा वालिये,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

सुन ले मेरा तराना,

ओ माँ पहाड़ा वालिये,

सुन ले मेरा तराना....

अपने हुए पराए,

दुश्मन हुआ जमाना,

कष्टो से मेरी मईया,

तू ही मुझे बचाना,

ओ माँ पहाड़ा वालिये,

सुन ले मेरा तराना....

फूलो में तुझको ढूंढा,

कलियों मे तुझको ढूंढा,

तू कही नज़र न आई,

ओ माँ पहाड़ा वालिये,

ओ माँ पहाड़ा वालिये,

सुन ले मेरा तराना.....

ओ मेरी शेरा वाली मईया,

मेरी जोता वाली मईया,

मेरे साथ है सर पे हाथ है....

ओ मेरी दुर्गे मईया काली,

मेरी मैहर वाली मईया,

मेरे साथ है सर पे हाथ है.....

सबकी सुने तू मईया,

राजा हो या फकीरा,

मेरी यही तम्मन्ना,

मेरा भी सुन तराना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।