आना पवन कुमार शंकर अवतारी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हाँ लाल लंगोटा गदा हाथ में,

आना पवन कुमार शंकर अवतारी,

तुम आना पवन कुमार शंकर अवतारी…..

संकट बैरी जोर जमावे,

सारी रात मने नींद ना आवे,

कर दो न उद्धार शंकर अवतारी,

आना पवन कुमार शंकर अवतारी,

हाँ शंकर अवतारी……

इस संकट नै दूर भगा दो,

मेरे मन का भरम मिटा दो,

दुखिया की सुनो पुकार शंकर अवतारी,

आना पवन कुमार शंकर अवतारी,

हाँ शंकर अवतारी……

घनी दूर तै चल के आये,

तेरी नाम की अर्जी लाये,

कर लो नै स्वीकार शंकर अवतारी,

आना पवन कुमार शंकर अवतारी,

हाँ शंकर अवतारी……

समचाने में धाम तेरा से,

मुरारी शर्मा नाम मेरा से,

दर्शन दो एक बार शंकर अवतारी,

आना पवन कुमार शंकर अवतारी,

हाँ शंकर अवतारी……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।