बाबा मै आई तेरे द्वार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार-संकट काटो नै…..

संकट मेरा सै घणा भारी घर मै जीन्न बड़ा अत्याचारी,

माणस दिये कई मार-संकट काटो नै,

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार-संकट काटो नै…..

मेरे पड़ोसी स्याणा पै जावै उल्टे उल्टे काम करावैं,

दुःखी करा परिवार संकट काटो नै,

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार-संकट काटो नै…..

रुसगे घर के पित्तर सारे उल्टे दिन इब लागगे म्हारे,

चढग्या ऊपर भार संकट काटो नै,

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार संकट काटो नै…..

मेरी सासू सै घणी कलिहारी पति शराबी और जुआरी,

कर्जा करा कईं हजार संकट काटो नै,

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार-संकट काटो नै…..

सास मेरी नै सदबुद्धि देदे अमन गुरु की वा घूंट्टी लेले,

दुःखिया रही पुकार-संकट काटो नै,

हो बाबा हो बाबा मै आई तेरे द्वार-संकट काटो नै…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।