जय हे महालक्ष्मी माँ - शुभ दीपावली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय हे महालक्ष्मी माँ,

नैया मेरी पार करो ।

झोली फैलाए खड़ी,

मैया भण्डार भरो ॥

तू है दयालु मैया, ममता भरी,

लाखों दुखियो की तुने विपदा हरी ।

हम भी आए शरण तिहारी,

हम पे भी करो, ध्यान धरो ॥

आई दिवाली आई दीपक जले,

तेरी कृपा हो तो सब फूले फले ।

सुख सम्पति से घर भर जाए,

इतना सा उपकार करो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।