महलों में गूंजे जयकारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

खुशियों से झूमे जग सारा जन्मे हैं हनुमान प्यारे,

महलों में गूंजे जयकारे जन्मे हैं हनुमान प्यारे……….

चैत मास पूनम अलबेला,

चतुर्दशी तिथि मंगल बेला,

भोर के चमके हैं तारे के जन्मे हैं हनुमान प्यारे………..

मां अंजनी का लाल है जाए,

राजा केसरी अति हर्ष आए,

बाजे हैं शंख नगाड़ा जन्मे हैं हनुमान प्यारे……

रेशम की डोरी चंदन का पलना,

जुग जुग जीवे अंजनी को लालना,

जग में करे उजियारे जन्मे हैं हनुमान प्यारे…………

कोटी सूर्य सा मुखड़ा चमके,

अंग अंग से अतिबल या को दमके,

चंचल नैना मतवाले जन्मे हैं हनुमान प्यारे………

रुद्र ग्यारहवें शिव अवतारी,

मोहक छवि पर जग बलिहारी,

रूप कपीस का धारे के जन्मे हैं हनुमान प्यारे…………..

चारों दिशाएं मंगल गांमें,

सुर नर नारी दर्शन पावै,

सजी है गांव चौबारे के जन्मे हैं हनुमान प्यारे…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।