सारी दुनिया से अपने अंदाज़ निराले हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया से अपने अंदाज़ निराले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं....

जबसे तेरे दर पे हूँ आया जीवन ये महकाया,

करके तेरा दर्शन बाबा रोम रोम हर्षाया,

छोड़ के दुनियादारी पीते रस के प्याले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

बाबा के प्यारे हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं.....

रींगस से खाटू तक बाबा पैदल चलके आया,

श्याम कुंड में डुबकी लगाकर मेरा मन हर्षाया,

बड़े ही प्यारे भजन श्याम को सुनाने वाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

बाबा की प्यारे हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं......

हर फागुन में खाटू धाम में मेला भरता आया,

सारी दुनिया से तेरे भक्तों का रेला आया,

साहिल इस फागुन में हम भी गाने वाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

बाबा की प्यारे हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं,

हम खाटूवाले हैं हम खाटूवाले हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।