आये राम मेरे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आये हैं राम मेरे राम राम,

आये हैं राम मेरे राम राम,

आये हैं राम मेरे राम राम,

आये हैं राम मेरे राम राम………

कितनी बरस रहे,

दूर वो घर से,

जिनके दर्श को,

नैना तरसे,

देश ये सारा,

कहने को उनका,

पर ना मिला,

एक भूमि का तिनका,

समय का पहिया,

घूम गया फिर,

पहुंचा अयोध्या,

उनका नाम………

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम………

दीप जलाओ,

मंगल गाओ,

नाम जपो सब,

सुबह शाम,

राह में प्रेम की,

फूल सजाओ,

मिलकर बोलो,

जय सियाराम,

खत्म हुई,

वनवास की अवधी,

अपने घर में आये राम………

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम………

गंदगी नदिया से धो पावन,

आई शीला है शालिग्राम,

उसमे बसे हैं दशरथ नंदन,

कौशल्या मां के श्री राम,

खत्म हुई,

वनवास की अवधी,

अपने घर में आये राम………

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम,

आये राम मेरे राम मेरे राम……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।