हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंगल भवन अमंगल हारी

द्रवहु सुदशरथ अजिरी बिहारी

पुरुषों में उत्तम राम मेरे,

मेरे अवधबिहारी

हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी…..

कौशल्यानंदन राम तुम्ही माँ जानकी के स्वामी हो,

दशरथ के प्रियप्राण तुम्ही,

तुम्ही अंतर्यामी हो,

कोई राम रटे कोई श्याम रटे,

कण कण में छवि है समायी,

हरि नाम रटे है दुनिया ये सारी.....

चारो भैया में ज्येष्ठ तुम्ही,

तेरे नाम की ऐसी माया है,

जग में हो प्रभु श्रेष्ठ तुम्ही प्रीत तेरा मन भाया है,

श्रृष्टि में राम दृष्टि में राम,

तेरी महिमा चहुँ दिश छाई,

हरि नाम रटे है दुनिया ये सारी………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।