तूने लंका जलाई पल भर में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी,

आजाओ तुम कीर्तन में,

आ जाओ तुम कीर्तन में……

जब सीता का हरण हुआ था,

जब सीता का हरण हुआ था,

तुमने पता लगाया पल भर में,

आ जाओ तुम कीर्तन में,

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी,

आजाओ तुम कीर्तन में,

आ जाओ तुम कीर्तन में……

जब लक्ष्मण को बाण लगा था,

जब लक्ष्मण को बाण लगा था,

तुमने पहाड़ उठाया पल भर में,

आजाओ तुम कीर्तन में,

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी,

आजाओ तुम कीर्तन में,

आ जाओ तुम कीर्तन में……

जब रावण संग हुए लड़ाई,

जब रवां संग हुए लड़ाई,

तुमने रावण मरवाया पल भर में,

आजाओ तुम कीर्तन में,

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी,

आजाओ तुम कीर्तन में…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।