राम जी की बाल लीला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पिला नीला और हठीला,

राम जी की बाल लीला,

कौशल्या के ऐसे श्री राम,

देदो ध्यान,

छोड़ के सारे अपने काम….

पाब में पहने पैजनियां,

ठुमक ठुमक चले राम,

मुझे बन्दर ही चाहिए,

ऐसी बालहठ किये राम,

बाल बजरंग दसरथ लाये,

उनके साथ खेल रहे राम….

प्रेम मगन कौसल्या को,

बाल लीला दिखाए राम,

सारा ब्राभण्ड दिखाये,

अपने रोम रोम में राम,

कभी पालने में या बाहर,

कई रूप में दिखते है राम……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।