मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूँगा,

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूंगा,

हार जाओगे खुद का मुकदमा प्रभु, श्री हनुमंत जी को अपना वकील करूँगा…….

दीनों का दुःख हरा, दीनबंधु हुए, कृपा दुखियों पे की, कृपासिंधु हुए,

मुझ दुखी की दशा, आप को ना दिखी, यही कहके, सभा में ज़लील करूँगा,

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूंगा……

जितना मैंने तुम्हारा, लिया नाम है, उतना मेरा प्रभु, ना हुआ काम है,

सामना जिस दिन, होगा हमारा प्रभु, सामने आपके दलील रखूँगा,

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूंगा…..

मानता हूँ की ये मेरी खुदगर्जी है, चाहता हूँ कृपा ये मेरी मर्जी है,

पवन की अर्जी, पर अब विचार करो, मैं भी दुनिया में, भक्ति की कील रखूँगा,

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूंगा….

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूँगा,

मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी, वरना जाके कचहरी अपील करूंगा,

हार जाओगे खुद का मुकदमा प्रभु, श्री हनुमंत जी को अपना वकील करूँगा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।