मैया का दर प्यारा लगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आँखों में मेरी मैया बस तू ही तू है,

साँसों में मेरी मैया बस तू ही तू है,

जीवन बनाया मैया तूने ही मेरा,

है तेरी चौखट पे मेरा बसेरा,

जय हो रे जय हो मैया जी ये नारा लगे,

प्यारा लगे रे मुझे प्यारा लगे,

तेरा दर मुझको न्यारा लगे.....

ये सजा तेरा दरबार है तेरे नाम का शोर,

मैं बाँध घुँघरूआई हूँ और नाचू बन के मोर,

मेरा साथ दिया रे मैया जी,

आशीर्वाद दिया रे मैया जी,

माँ शेरोवाली विनती सुनो,

हे अम्बे रानी मैया जी,

तेरे दीवानो को ही मैया जी तेरा रंच चढ़े,

प्यारा लगे रे मुझे प्यारा लगे,

तेरा दर मुझको न्यारा लगे.....

आओ भक्तों मिलकर नाचे,

करे मैया का गुणगान,

झूम झूम कर गाये सभी,

लेकर मैया का नाम,

सब मिलकर नाचो मैया जी,

सब मिलकर गाओ मैया जी,

मिलकर के सभी भक्तों,

जय माता की कह दो,

आएंगे आएंगे दौड़ी चली आएगी मैया मेरी,

प्यारा लगे रे मुझे प्यारा लगे,

तेरा दर मुझको न्यारा लगे......

मेरे साथ हमेशा मैया जी,

मुझे कोई नहीं परवाह,

संजीव कुमार है दास तेरा,

चलता रहे तेरी राह,

मुझे मन्नत की रे मैया जी,

मुझे जन्नत दी रे मैया जी,

सांवरिया मैया दास तेरा,

हूँ शरण में तेरी मैया जी,

मैया के जागे में अर्ज़ी मेरी भी ज़रूर लगे,

प्यारा लगे रे मुझे प्यारा लगे,

तेरा दर मुझको न्यारा लगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।