हवन कराऊं मैया

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हवन कराऊं मैया दोनो हाथ जोड़ के,

माँ दोनो हाथ जोड़ के……

भोले बुलाये संग में गणपत जी आये,

गौरा मैया को बुलाऊँ मैं दोनो हाथ जोड़ के,

हवन कराऊं मैया दोनो हाथ जोड़ के,

माँ दोनो हाथ जोड़ के……

राम बुलाये संग में लक्ष्मण जी आये,

सीता मैया को बुलाऊँ मैं दोनो हाथ जोड़ के,

हवन कराऊं मैया दोनो हाथ जोड़ के,

माँ दोनो हाथ जोड़ के……

कान्हा बुलाये संग में सुदामा जी आये,

राधा रानी को बुलाऊँ मैं दोनो हाथ जोड़ के,

हवन कराऊं मैया दोनो हाथ जोड़ के,

माँ दोनो हाथ जोड़ के……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।