भगत जन ढूंढ रहे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी,

मैया देखी शेरावाली देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने अयोध्या में देखी,

अयोध्या में देखी अयोध्या में देखी,

राम संग वन जाते हुए ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने वृन्दावन में देखी,

हाँ जी वृन्दावन में देखी वृन्दावन में देखी,

कान्हा संग रास रचाते हुए ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने कैलाश पे देखी,

कैलाश पे देखी कैलाश पे देखी,

भोले संग तप करती हुई ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने बैकुंठ में देखी,

बैकुंठ में देखी बैकुंठ में देखी,

विष्णु संग बैठे हुए ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने रण में देखी,

रण में देखी रण में देखी,

दुष्टो का नाश करते हुए ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी………

भक्तों तुम्हारी मैया हमने घर घर में देखी,

घर घर में देखी घर घर में देखी,

तुलसा का रूप लेते हुए ओ भक्तों तुम्हारी मैया देखी,

भगत जन ढूंढ रहे किसी ने हमारी मैया देखी……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।