एक बार फिर आ कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक बार फिर आ कन्हैया,

देश की नैया फिर है खतरे में आ के इसे बचा ,

एक बार फिर आ कनाहिया,

जिस गौओ को तू पूजे था वो भारी दुःख पाती,

अरे बुषरखाने बने देश में गुओ काटी जाती,

बुरी तरह दक्रती तुझको याद करे कान्हा,

एक बार फिर आ कन्हैया....

मदत करी दरोपती की दुष्ट जब नंगी करना चाहते,

आज हजारो के चीर उतारे जाते,

घर घर कंस और दुशाशन इनका गोर मिटा,

एक बार फिर आ कन्हैया.....

फ़ैल रहा है आंतक देश में कोई नही हिमाती,

रोज हजारो निदोशो की जान यहाँ पर जाती,

पानी महंगा खून है सस्ता सड़क पे है रहे बहा,

एक बार फिर आ कन्हैया....

वोटो और नोटों का लालच देश को वेच रहे है,

बेठ के लाखो नीता लोग रोटी सेक रहे है,

आज कवी हरे राम वैसला तुझको रहा बुला,

एक बार फिर आ कन्हैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।