दिन नवरात्रों के आए

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए……….

तुम गणपति रूप में आना,

ओ रिद्धि सिद्धि साथ लेके मातारानिए,

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए……..

तुम दुर्गा रूप में आना,

ओ शेर पे सवार हो के मातारानिए,

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए……….

तुम काली रूप में आना,

ओ चोला तुम्हे पहनाएंगे मातारानिए,

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए.....

तुम लक्ष्मी रूप में आना,

ओ अन्न धन साथ लेके मातारानिए,

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए………..

तुम सरस्वती रूप में आना,

ओ ज्ञान विद्या साथ लेे के मातारानिए,

दिन नवरात्रों के आए,

ओ मातारानी दर्शन दो मातारानिए….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।