शेरावाली का आ गया फोन

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

घंटी बजी जी घंटी बजी…….

पहला फोन ब्रह्मलोक में आया,

ब्रम्हाणी ने फोन उठाया,

और ब्रम्हा हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

दूजा फोन बैकुठ पे आया,

लक्ष्मी माँ ने फोन उठाया,

विष्णु से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

तीजा फोन कैलाश में आया,

गौरा माँ ने फोन उठाया,

भोले शंकर से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

चौथा फोन अयोध्या में आया,

सीता माँ ने फोन उठाया,

रामा से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

पांचवा फोन गोकुल में आया,

राधा माँ ने फोन उठाया,

कान्हा से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

छठवा फोन किष्किंधा में आया,

अंजनी माँ ने फोन उठाया,

हनुमत से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

सातवा फोन जम्मू में आया,

मैया रानी ने फोन उठाया,

भक्तों से हो गयी बात ट्रिन ट्रिन घंटी बजी,

शेरावाली का आ गया फोन ट्रिन ट्रिन घंटी बजी……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।