मैया तू लेले कलम दवात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

लेख मेरे कर्मा के लिख दे……..

पहला लेख मेरे पंजे पे लेख दे,

री मैया मैं तीर्थ करूँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

दूजा लेख मेरे हाथां पे लेख दे,

री मैया मैं दान करूँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

तीजा लेख मेरे जिव्हा पे लेख दे,

री मैया मैं भजन करूँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

चौथा लेख मेरे आंख्या पे लेख दे,

री मैया मैं दर्श करूँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

पांचमा लेख मेरे काना पे लेख दे,

री मैया मैं ज्ञान सुणु करूँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

छठा लेख मेरे माथे पे लेख दे,

री मैया मैं शीश झुकाऊँ दिन रात लेख मेरे कर्मा के लिख दे,

मैया तू लेले कलम दवात लेख मेरे कर्मा के लिख दे……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।