हर साल मैं आती हूँ मैया तेरे दर पे

पारंपरिक
हनुमान जी आरती दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हर साल मैं आती हूँ मैया तेरे दर पे,

इक बार तू भी आजा ओ माँ मेरे घर पे,

मैं तेरी ज्योत जलाऊँगी चुनरी लाल चढ़ाऊँगी,

पूजा का थाल सजा के मैं तेरी आरती गाऊँगी……..

आप भी आना अपने संग में शिव शम्भु को लाना,

गणपति और हनुमान जी भैरोंनाथ को नहीं भूलना,

ना आयी तो मारेगी ताना ये दुनिया मुझपे,

इक बार तू भी आजा ओ माँ मेरे घर पे......

तुम सावित्री तुम गायत्री तुम लक्ष्मी ब्रह्मनी मैया तुम लक्ष्मी ब्रह्मनी,

शारदे माता पार्वती हो मैय्या तुम गौरी कल्याणी,

तेरी दया से चाँद और सूरज चमके अम्बर पे,

इक बार तू भी आजा ओ माँ मेरे घर पे......

पूरी करना मेरी मुरादें भक्त हैं तुम्हारे,

तुम भक्तों की सुनती आयी है,

विश्वास हमारे मैया है विश्वास हमारे,

अब हाथ दया का माँ रखना मेरे सर पे,

इक बार तू भी आजा ओ माँ मेरे घर पे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।