सज धज कर बैठ्यो सांवरिया

नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सज धज कर बैठ्यो सांवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे,

चलो नजर उतारे कान्हा की,

कहीं आज नजर ना लग जाए,

सज धज कर बैठ्यो मंदिर में,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे,

सज धज कर बैठ्यो साँवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे ॥

मनभावन प्यारी झांकी है,

यूँ चितवन बाँकी बाँकी है,

नैना सु नैन मिले ज्यूँ ही,

नैना सु नैन मिले ज्यूँ ही,

कोई हुक काळजे बल खावे,

सज धज कर बैठ्यो साँवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे ॥

होटन को रंग सुरंगो है,

या को बागो भी पचरंगो है,

माथे पर मोर मुकुट देखूं,

माथे पर मोर मुकुट देखूं,

भक्ता को मनवा ललचावे,

सज धज कर बैठ्यो साँवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे ॥

मुस्कान तुम्हारी प्यारी है,

ये दिल में प्रेम जगाती है,

जब मधुर मुरलिया बजती है,

जब मधुर मुरलिया बजती है,

यूँ रोम रोम में बस जावे,

सज धज कर बैठ्यो साँवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे ॥

सज धज कर बैठ्यो सांवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे,

चलो नजर उतारे कान्हा की,

कहीं आज नजर ना लग जाए,

सज धज कर बैठ्यो मंदिर में,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे,

सज धज कर बैठ्यो साँवरिया,

यूँ बैठ्यो बैठ्यो मुस्कावे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।