नवरात्रों में मैया ने हद कर दी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

पहले तो मेरे एक झोपड़ी,

आज मेरे कोठी दुमहला कर दी,

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

पहले तो मेरे अन्न की कमी थी,

आज मेरे घर में माँ नै मौज कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी,

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

पहले तो मेरे धन की कमी थी,

आज मेरे बैंक तिजोरी भरदी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी,

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

पहले तो मेरे दूध की कमी थी,

आज मेरे घर में भैस बंधगी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी,

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

पहले तो मेरे साइकिल भी नही थी,

आज मेरे गाडी फरारी कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी,

नवरात्रों में मैया ने हद कर दी,

हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।