तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा,

कृष्ण कन्हैया कृष्ण कन्हैया,

तुझ संग प्रित लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा ॥

श्यामा तूने दुखियों को,

गले से लगाया,

भोले भोले भक्तो को,

अपना बनाया,

दुख और कष्टों को,

पल में भगाया,

इसलिए हमको तू भाए कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा,

तुझ संग प्रित लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा॥

कान्हा तेरे दर पे जो,

माँगा मिला है,

सुनी सुनी गोद में,

फूल खिला है,

यहाँ चमत्कारों का,

अजब सिलसिला है,

तेरे लिए माखन मैं लाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा,

तुझ संग प्रित लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा॥

तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा,

कृष्ण कन्हैया कृष्ण कन्हैया,

तुझ संग प्रित लगाई कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा ओ कान्हा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।