मैया की लाल चुनरी ऐसी बनी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैसे बनी कैसे बनी मैया की,

लाल चुनरी कैसे करें बनी………

लाल रंग मां के लाल है चुनरी,

जिसमें लग रहे गोटा किनारी,

बीच-बीच मैं मोती जड़ी,

मैया के लाल चुनरी ऐसे बनी.......

किस-किस ने या में रंग लगायो,

किसने या में गोटा जडायो,

किस-किस के यह मन को बसी ,

मैया की लाल चुनरी कैसे बनी.......

ब्रह्मा विष्णु ने रंग चढ़ायो,

शिव शंकर ने गोटा जडायो,

राम लखन के मन को बसी,

मैया की लाल चुनरी ऐसी बनी.......

मनमोहन ने मुरली बजाई,

राधा जी ने चुनरी उड़ाई,

पहन ओढ़ मैया नाचन लगी,

मैया की लाल चुनरी ऐसी बनी…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।