दुखों ने घेर लिया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दुखों ने घेर लिया भक्त तेरा घबराया है,

मैया खोल दे दरवाज़ा तेरा सेवक आया है……

तेरे घर का रास्ता भूला माँ क्या अनहोनी होयी,

चारों ओर अंधेरा छाया आज बचाले कोई,

तुझे सबने दीनदयालु पालनहार बताया है,

ओ मैया खोल......

गहरा है संसार समुंदर जीवन नाव पुरानी,

डगमग डगमग डोले नैया सुनले मात भवानी,

हर पापी का बेड़ा तूने पार लगाया है,

मैया खोल दे दरवाज़ा......

तेरे दर पे खड़े सवाली मैया अब तो बनो सहाई,

भई बंधु कुटुम्ब क़बीला सबने आँख दिखायी,

तीखे टर्मिनॉलॉजी में तारनहार बताया है,

मैया खोल दे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।