आया नौ दिन का नवरात्री मेला

संजय मित्तल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आया नौ दिन का नवरात्रि मेला माँ,

आजा सिंह पे सवार शेरावालिए,

आजा माँ आजा माँ आजा माँ,

आया नौ दिन का नवरात्रि मेला माँ,

आजा सिंह पे शेरावालिया………..

बाजे ढोल और मृदंग शहनाई माँ,

आजा सिंग पे सवार शेरावालिए माँ………..

शेरवाली ज्योतावाली लाटा वाली माँ,

आजा माँ आजा माँ आजा माँ,

आजा माँ आजा माँ आजा माँ,

आया नौ दिन का नवरात्रि मेला,

माँ आजा सिंह पे शेरावालिए………..

ओ मेरी माता करे जगराता,

तेरी ज्योत जगाए माँ,

धुप और दीप से करके आरती

मंगल गीत सुनाए माँ

घर आज्ञा में चौक पूराकर

वंदन वार बँधाए………..

तेरे सुंदर सज़ा है दरबार माँ,

आजा सिंह पे सवार शेरावालिए,

आया नौ दिन का नवरात्रि मेला,

माँ आजा सिंह पे शेरावालिए,

मन मंदिर है प्राण पुजारी,

जिसमे है शेरवाली माँ,

तू ही अंबे तूही काली

तेरी महिमा निराली माँ,

खाली झोली तूही भरदे,

विनती तुझको सूनाओ,

मेरा जीवन सुधरो हे रानी माँ,

आजा सिंग पे सवार शेरावालिए………..

आया नौ दिन का नवरात्रि मेला माँ,

आजा सिंग पे सवार शेरावालिए,

ओ मेरी माता भाग्या विधाता,

सोए भाग्या जगदे माँ,

दुख दरिद्रा को दूर भगा कर,

भक्ति रस बरसा दे माँ,

तन मन गाये तेरी गाथा,

ये वर मुझको देना,

मुझे दिल से लगाले हे देवी माँ,

आजा सिंग पे सवार शेरावालिए………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।