सांवरा तेरा जलवा निराला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरा तेरा जलवा निराला,

मैं तड़पता रहा मुस्कुरा के कलेजा निकाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला.....

मेरी फरियाद बंसुरिया वाला,

चाँद ढलता रहा ना आए मेरा गोपाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

साथ तेरा और मेरा गोपाल,

युहि चलता रहा, तू न आया मेरा रुकाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

मैं तड़पता रहा मुस्कुरा के कलेजा निकाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला...

तेरी रुख ने मुझे मार डाला,

मैं दीवाना बना, पीके मस्ती का दो घुठ प्याला,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

मेरे दिल में वो सुरत समयी,

ओ देखता में रहा उसमे मस्ती अनोखी है छाई,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

मारली श्याम बहादुर ने बाजी,

नाचने शिव लगा, खिलखिलाकर हंसा खाटू वाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

मैं तड़पता रहा मुस्कुरा के कलेजा निकाला,

सांवरा तेरा जलवा निराला....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।