महावीर बन के रणधीर बनके

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

महावीर बनके रणधीर बनके चले आना बजरंगी चले आना

तुम बाल रूप में आना,

तुम बाल रूप में आना,

रवि हाथ लेके लाली साथ लेके,

चले आना बजरंगी चले आना,

महावीर बन के रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना॥

तुम रूद्र रूप में आना,

तुम रूद्र रूप में आना,

मेवा हाथ लेके सेवा साथ लेके,

चले आना बजरंगी चले आना,

महावीर बन के रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना ॥

तुम वज्र रूप में आना,

तुम वज्र रूप में आना,

गदा हाथ लेके शक्ति साथ लेके,

चले आना बजरंगी चले आना,

महावीर बन के रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना ॥

तुम भीम रूप में आना,

तुम भीम रूप में आना,

पर्वत हाथ लेके बूटी साथ लेके,

चले आना बजरंगी चले आना,

महावीर बन के रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना ॥

तुम कपि रूप में आना,

तुम कपि रूप में आना,

ध्वजा हाथ लेके सेना साथ लेके,

चले आना बजरंगी चले आना,

महावीर बन के रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना ॥

महावीर बनके रणधीर बनके,

चले आना बजरंगी चले आना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।