आ जाओ श्याम मेरी बिगड़ी संवारने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैनन जैसे हीरे मोती रूप तेरा श्रृंगार है,

देख के तेरी मोहिनी मूरतिया हम हो गए मालामाल है,

आ जाओ श्याम, आ जाओ श्याम,

आ जाओ श्याम, आ जाओ श्याम....

आजाओ शाम मेरी बिगड़ी संवारने,

लो दर पे तेरे आ गए तुझको निहारने,

पर्दा हटा के श्याम ज़रा आओ सामने,

हम आ गए हैं तेरी नज़रें उतारने......

ये मन मेरा मंदिर तेरा बना लूँ मैं इसको सदा के लिए,

राधे राधे श्यामा श्यामा गाता रहूं मैं तुम्हारे लिए,

श्याम मुझको बुला लो अपने ब्रज धाम में,

आ जाओ श्याम मेरी बिगड़ी संवारने.....

तेरी तस्वीर को आँखों से मैं लगाता हूँ,

मेरे घनश्याम चले आओ मैं बुलाता हूँ,

कितने दिन बीत गए याद में तेरी मोहन,

सुन चले आओ मेरे गीत मैं ये गाता हूँ,

कहीं दम निकल ना जाये तेरे इंतज़ार में,

आ जाओ श्याम मेरी बिगड़ी संवारने......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।