मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी……….

जो मैं होती पवन बंसती झोंका बनकर आती,

हो मैया रानी की चुनरी को लहर लहर लहराती,

बन ना सकी मैं हवा का झोंका ये मेरी मजबूरी,

मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी……….

जो मैं होती काली बदरिया छम छम नीर बहाती,

बरस बरस कर गरज गरज कर मैया को नहलाती,

बन ना सकी मैं काली बदरिया ये मेरी मजबूरी,

मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी……….

जो मैं होती वन को मोरनी छम छम नाच दिखाती,

नाच नाच कर कूद कूद कर मैया जी को रिझाती,

बन ना सकी मैं वन की मोरनी ये मेरी मजबूरी,

मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी……….

जो मैं तेरा पता जानती खत लिखती भिजवाती,

सब रसकन को संग में लेकर तुमसे मिलने आती,

पता मेरे पास नही ये मेरी मजबूरी,

मईया रानी से मिलना बड़ा जरुरी……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।