नवरात्रों की आई बहार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नवरात्रों की आई बहार बहार नवरात्रों की आई बहार……

फूलों खुशियों के खिले है तन मन सब के मिले है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

प्रेम के मोती लुटा दे नैन स्वागत में बिछा दे,

जरा आदर के साथ बहार नवरात्रों की आई बहार……

द्वारे ब्रह्मा जी आए है संग ब्रह्माणी लाए है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

द्वारे शंकर जी आए है संग गौरा को लाए है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

द्वारे विष्णु जी आए है संग लक्ष्मी को लाए है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

द्वारे कान्हा जी आए है संग राधा को लाए है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

द्वारे हनुमान जी आए है सब भक्तो को संग लाए है,

मैया दर्शन दे दो आज बहार नवरात्रों की आई बहार……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।