मेरी मैया का मेला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले से गणपति आये,

संग में अपने रिद्धि सिद्धि आये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले में ब्रह्मा आये,

संग में अपने ब्रह्माणी लाये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले में विष्णु जी आये,

संग में अपने लक्ष्मी माँ लाये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले में शंकर जी आये,

संग में अपने गौरा माँ लाये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले में रामा जी आये,

संग में अपने सीता माँ को लाये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस मेले में कान्हा जी आये,

संग में अपने राधा माँ को लाये,

कोई ना आया अकेला मेरी मैया का मेला,

मेला मेला मेला मेरी मैया का मेला,

हो मैया का मेला……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।