शिव आराधना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव ॐ

शिव ॐ

मंदिर में शिव के हो सुबह,

शिव साधना में शाम हो,

शिव ॐ

शिव ॐ

मंदिर में शिव के हो सुबह,

शिव साधना में शाम हो,

धड़कनो में वास शिव का,

सांसो में शिव नाम हो,

सांसो में शिव नाम हो,

रम जाए शिव मन में मेरे,

मन मेरा शिव का धाम हो,

धड़कनों में वास शिव का,

सांसो में शिव नाम हो,

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव से जो जीवन मिला,

शिव के ही अर्पण कर दिया,

शिव से जो जीवन मिला,

शिव के ही अर्पण कर दिया,

ओढ़ कर शिव नाम की चादर समर्पण कर दिया,

हमने समर्पण कर दिया,

कहते हैं शिव शुभ करम कर,

शुभ का शुभ परिणाम हो,

धड़कनो में वास शिव का,

सासो में शिव नाम हो,

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव ॐ

आत्मा आनंद में हैं,

शिव से नाता जोड़के,

आत्मा आनंद में हैं,

शिव से नाता जोड़के,

भाग्य जागे शिव के,

श्री चरणों से माथा जोड़के,

शिव से नाता जोड़के,

सत्य है शिव हो जहाँ,

वहाँ क्रोध हो नाकाम हो,

धड़कनो में वास शिव का,

सासो में शिव नाम हो,

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव शरन में स्वर्ग मेरा,

मेरे चारो धाम हैं,

शिव शरन में स्वर्ग मेरा,

मेरे चारो धाम हैं,

मैं हु शिव का शिव मेरे है,

क्या किसी से काम है,

क्या किसी से काम है,

शिव हो संमुख जब सदा के,

वास्ते विश्राम हो,

धड़कनो में वास शिव का,

सासो में शिव नाम हो,

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव ॐ

शिव ॐ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।