आज भोले नाथ की शादी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज भोले नाथ की शादी है

भोले नाथ की शादी है, शिव शँभू की शादी है

आज भोले नाथ की शादी है.......

बनी है खूब जोड़ी, शिव शक्ति की जोड़ी

ख़ुशी से नाचे है मन, मिला सजनी को साजन

हो ओ,,,लगता है जैसे सारे, कैलाश की शादी है

आज भोले नाथ की शादी है......

गौरां यूँ मुस्कावे, मुझे शँभू मिल जावे,

मेरी थी यही तमन्ना, पूरी हुई मेरी तमन्ना

हो ओ,,,लगता है जैसे सारे, ब्रह्माण्ड की शादी है

आज मेरे श्याम की शादी है.......

बड़ा शुभ लग्न महूर्त, भोले की सुंदर मूर्त

कैसे संयोग बने हैं, शिव पार्वती मिले हैं

हो ओ,,,लगता है जैसे सारे, संसार की शादी है

आज मेरे श्याम की शादी है........

भोले का रूप निराला, गले साँपों की माला

जटा से वहती गंगा, माथे पे सोहे चंदा

हो ओ,,,लगता है जैसे सारे, कैलाश की शादी है

आज भोले नाथ की शादी है..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।