मैया तुम हो कहाँ

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे भगत पुकारे आजा, आकर के दर्श दिखा जा,

कीर्तन है यहाँ मैया तुम हो कहाँ………..

चाहे ब्रह्म को ले आओ चाहे विष्णु को ले आओ,

चाहे ख़ुद ही अकेली आजा, आकर के दर्श दिखा जा,

कीर्तन है यहाँ मैया तुम हो कहाँ………..

चाहे भोले को ले आओ चाहे गणपती को ले आओ,

चाहे ख़ुद ही अकेली आजा, आकर के दर्श दिखा जा,

कीर्तन है यहाँ मैया तुम हो कहाँ………..

चाहे राम को ले आओ चाहे हनुमत को ले आओ,

चाहे ख़ुद ही अकेली आजा, आकर के दर्श दिखा जा,

कीर्तन है यहाँ मैया तुम हो कहाँ………..

चाहे लंगूर को के आओ चाहे भैरव जिनके आओ,

चाहे बैठ शेर पे आजा आकर के दर्श दिखा जा,

कीर्तन है यहाँ मैया तुम हो कहाँ……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।