कीर्तन मे ताली बजानी पड़ेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन मे ताली बजानी पड़ेगी,

चरणा मे हाजरी लगानी पड़ेगी………

हाथ उठा के बजाओ ताली,

मैया भर दे झोली खाली,

हाथों की या रेख दिखानी पड़ेगी,

चरणा मे हाजरी लगानी पड़ेगी………

जो भी हाथ उठावे ऊपर,

उसकी किस्मत बन जा सुपर,

किस्मत तो सुपर बनाने पड़ेगी,

चरणा मे हाजरी लगानी पड़ेगी………

सच्चे मन से बैठो कीर्तन में,

मन का मैल ना राखो मन में,

म्हारी गैल महिमा तो गानी पड़ेगी,

चरणा मे हाजरी लगानी पड़ेगी………

झूम झूम सखियाँ गावे भजन रे,

सुण के मैया हो जा मगन रे,

कमल दवात उठाना पड़ेगी,

चरणा मे हाजरी लगानी पड़ेगी………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।