ऐ मालिक तेरे बन्दे हम ऐसे हो हमारे करम

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॥ पावन पाठ ॥

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हो हमारे करम,

नेकी पर चले, और बदी से टलें,

ताकि हस्ते हुए निकले दम ।

यह अँधेरा घना छा रहा, तेरा इंसान धबरा रहा ।

हो रहा बेखबर, कुछ ना आता नजार, सुख का सूरज छिपा जा रहा ।

है तेरी रौशनी में जो दम, तू अमावस को कर दे पूनम,

नेकी पर चले, और बदी से टलें, ताकि हस्ते हुए निकले दम ॥

जब जुल्मो का हो सामना, तब तू ही हमे थामना ।

वो बुराई करे, हम भलाई भरे, नहीं बदले की हो कामना ।

बढ उठे प्यार का हर कदम, और मिटे वैर का यह भरम,

नेकी पर चले, और बदी से टलें, ताकि हस्ते हुए निकले दम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।