गोदी में उठा लो मेरी मां कान्हा छोटे हैं

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गोदी में उठा लो मेरी मां कान्हा छोटे हैं…..

मेरे कान्हा का छोटा सा माथा है,

मुकुट पहना दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं.....

मेरे कान्हा का छोटा सा गला है,

हार पहना दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं….

मेरे गजानन के छोटे-छोटे हाथ हैं,

मुरली पकड़ा दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं……

मेरे कान्हा के छोटे-छोटे पांव हैं,

पायल पहना दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं….

मेरे कान्हा के छोटे-छोटे अंग हैं,

पीताम्बर पहना दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं…..

मेरे कान्हा का छोटा सा मुख है,

माखन खिला दो मेरी मां कान्हा छोटे हैं….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।