जगमग जगमग ज्योत जगे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के,

नवरात्रों में जगराते सब देव बहुत हर्षाते……….

मैया की मूरत प्यारी दरबार लगा है भारी,

महिमा माँ की अपरम्पार आए नवरात्रे मैया के,

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के……………

भैरों विष्णु महेशा सबके पहले है गणेशा,

आते मूषक पे हो सवार आए नवरात्रे मैया के,

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के……………

दरबार में भोले साजे नंदी पे आए विराजे,

कंठ में नाग रहे फुंकार आए नवरात्रे मैया के,

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के……………

राधा संग कृष्णा सुहाए वो बंसी बजाते आए,

मन को मोह रहे नन्द कुमार आए नवरात्रे मैया के,

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के……………

श्री राम की रटन लगाए वहां पवन पुत्र भी आए,

देखो कर सिंदूर श्रृंगार आए नवरात्रे मैया के,

जगमग जगमग ज्योत जगे आए नवरात्रे मैया के………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।