लगा लो मन को शंकर से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लगा लो मन शंकर से कंकड़ भी सोना बन जायेगा,

कर लो भक्ति भोले की मन चाहा फल तू पायेगा,

लगा लो मन शंकर से कंकड़ भी सोना बन जायेगा………

जब भी तेरा कठिन समय हो याद करो तुम उनको,

पल में संकट कट जाता है दुःख होता है जिनको,

दीन हीन पर कृपा बनाते है भोले भंडारी,

तीनों लोकों के स्वामी हैं वो जाने दुनिया सारी,

आयु आरोग्य के है वो दायक,

सबके नाथ है वो सबके नायक,

बसा लो ह्रदय में शंकर को जीवन का संकट टल जाएगा,

लगा लो मन शंकर से कंकड़ भी सोना बन जायेगा………

जटा में उनके गंगा मैया मस्तक चंदा साजे,

डम डम डमरू बजाने वाले नंदी पर विराजे,

है करुणा के सागर रहते हैं मस्त मलंगा,

वो कैलासी घट घट वासी गले में नाग का फंदा…….

शिव शंभु का ध्यान धरो तुम,

जीवन में सदा नाम करो तुम,

जपा करो नाम हरिहर का दुःख बर्फ के जैसा पिघल जाएगा,

लगा लो मन शंकर से कंकड़ भी सोना बन जायेगा………

जल थल नभ में बसते वो सबके हितकारी,

अगम अगोचर शिव शम्भू हैं संतों के सुखकारी,

काल घूँट बिष को पीकर नीलकंठ कहलाये,

शिव शम्भू को दिल में बसा लो,

उनके नाम की अलख जगा लो,

लगा लो ध्यान चरणों में तेरा परलोक संवर जाएगा,

लगा लो मन शंकर से कंकड़ भी सोना बन जायेगा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।