राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट,

अंतकाल पछताएगा जब प्राण जाएगे छूट....

राम नाम सुखदाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का……..

ये तन है जंगल की लकड़ी,

आग लगे जल जाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…..

ये तन है कागज की पुड़िया,

हवा चले उड़ जाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…

ये तन है माटी का ढेला,

बूँद पड़े गल जाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…

ये तन है फूलों का बगीचा,

धुप पड़े मुरझाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…

ये तन है कच्ची है हवेली,

पल में टूट जाई भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…

ये तन है सपनो की माया,

आँख खुले कुछ नाही भजन करो भाई,

ये जीवन दो दिन का…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।