मईया लाल देवी दरबार

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया लाल देवी दरबार,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती।।

रानी के बाद मईया का मंदिर,

लाल भवानी बैठी भवन के अंदर,

यहाँ सीस झुकावे संसार,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती.....

माँ ये छिन्मस्तिका अवतारी,

मंगल करनी लाल दातारी,

डाले सबकी झोली लाल,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती.....

सब बचड़ो की ये महतारी,

इसकी सेवा रीत है न्यारी,

ब्रज वासन को सेवा अधिकार,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती.....

मोहन दास जो दर पे आवे,

दास मधुप जो दर पे आवे,

गोदी बिठाये माँ लाल लडावे,

देवे आशीष और करे प्यार,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती.....

मईया लाल देवी दरबार,

माँ की महिमा बड़ी अपरम्पार,

ये झोलियाँ सबकी भरती,

आस पूर्ण सब करती.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।