दस शेरांवाली तैनू किवें मै मनावा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रूस जांदे बच्चे कदे रुसिया ना मावा,

दस शेरांवाली तेनु किवें मै मनावा,

दस मेहरांवाली तेनु किवें मैं मनावा....

मांवा ते पूतराँ दा प्यार अनोखा,

होर इस जग विच धोखा ही धोखा,

लाड लड़ौंदिया ने अपनिया मांवां,

दस शेरावाली तेनु किवे मैं मनावां,

रूस जांदे बच्चे.…................

मांवां ने पूतरां नु कदे वी ना सुटेया,

असी बूटा लाके कदे वी ना पूतेया,

बुट्टे तां लान्दियाँ ने अपनिया मांवां,

दस शेरावाली तेनु किवे मैं मनावा,

रूस जांदे बच्चे..................

इक वारी आके मेंनु गोदी च बिठालै,

गोदी च बिठाके मनु सीने नाल ला लै,

सीने नाल लंदियाँ ने अपनिया मांवां,

दस शेरावाली तेनु किवे मैं मनावा,

रूस जांदे बच्चे..................

शेरावाली दे नाल मैंतां प्यार डाडा पालेया,

शेरावाली ने आके मनु अपना बनालेया,

अपना बानंदिया ने अपनिया मांवां,

दस शेरावाली तेनु किवे मैं मनावा,

रूस जांदे बच्चे..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।