तुझे जबसे देखा है ओ सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुझे जबसे देखा है ओ सांवरे,

मेरे मन में जगी है एक आस रे,

तुझे हाथों से सजाऊँ बड़े चाव से,

मेरी विनती तू कर स्वीकार रे,

तुझे जबसे देखा है............

कौन से रंग का आज बता दे,

बाघा तू पहनेगा सांवरिया,

फूल भी अपनी आज पसंद का,

कान में बतला सांवरिया,

बाघा घेरो वाला तुझे पहनाऊं रे,

चाँद तारों से तुझे मैं सजाऊं रे,

तुझे जबसे देखा है............

घूम घूम के बाग़ बगीची,

चुन चुन फूलों को पिरवा दू,

बागा मैं हीरो से जड़वाऊं तेरा,

इत्तर से दर को मैं महका दूँ,

तुझे आँखों में बसा लूँ मैं सांवरे,

लहरा मोरछड़ी तू घनश्याम रे,

तुझे जबसे देखा है............

पलकों की चादर आज बिछा के,

तुझको सजाऊँ मन भावों से,

फूल कमल का फूल अशर्फी,

चंपा चमेली हो रजनी रे,

तुझे दूलो से सजा दू मैं सांवरे,

पंकज नज़र उतारूं घनश्याम रे,

तुझे जबसे देखा है............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।