श्याम जी को नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ले ल्यो जी ले ल्यो काई करो साथीड़ा रे,

श्याम जी को नाम ले ल्यो,

श्याम जी को नाम ले ल्यो,

राम जी को नाम ले ल्यो,

ले ल्यो रे मदन गोपाल,

साथीड़ा रे श्याम जी को नाम ले ल्यो.....

त्रेता में थे राम बन गया,

द्वापर में घनश्याम बन गया,

कलयुग में बन गया बाबा श्याम,

साथीड़ा रे श्याम जी को नाम ले ल्यो.....

राम बन के रावण मारयो,

कृष्ण बनके कंस मारयो,

शीश का दानी बाबा श्याम,

साथीड़ा रे श्याम जी को नाम ले ल्यो....

सीता का थे राम बन गया,

राधा का थे श्याम बन गया,

भक्ता रा बन गया बाबा श्याम,

साथीड़ा रे श्याम जी को नाम ले ल्यो.....

अयोध्या में राम बन गया,

गोकुल में घनश्याम बन गया,

खाटू में बन गया बाबा श्याम,

साथीड़ा रे श्याम जी को नाम ले ल्यो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।