नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया,

बारह महीने मैया कहीं भी रहना……….

जयपुर से तेरी मैया चुनरी मंगाई,

चुनरी मंगाई तेरी चुनरी मंगाई,

चुनरी ओढ़ के जाना जगदंबे मैया,

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया………

दिल्ली से तेरा मैया चोला मंगाया,

चोला मंगाया तेरा चोला मंगाया,

चोला पहन के जाना जगदंबे मैया,

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया………

मुकुट तेरा गुजरात से मंगाया,

गुजरात से मंगाया गुजरात से मंगाया,

मुकुट पहन के जाना जगदंबे मैया,

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया………

मुंबई से तेरा सिंगार मंगाया,

सिंगार मंगाया सिंगार मंगाया,

सिंगार करके जाना जगदंबे मैया,

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया………

घर में छप्पन भोग बनाए,

भोग बनाए मैया भोग बनाए,

भोजन करके जाना जगदंबे मैया,

नौ दिन मेरे घर आना जगदंबे मैया………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।