बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया,

ओ शेरोवाली मैया पहाडा वाली मैया………

मैंने रेल की टिकट कटाई और जम्मू तक मैं आई,

फिर मैं पहुंची कटरा धाम ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मैं पहुंची बाण गंगा मैंने गोते खूब लगाए,

मेरे कट गए सारे पाप ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मैं पहुंची चरण पादुका मैं रज रज शीश झुकाया,

मेरे पैरो में आ गई जान ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मैं पहुंची अर्धकवारी भक्तों की भीड़ थी भारी,

मोटे पतले सब जाए ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मई पहुंची मत्था भक्तो का मिल गया जत्था,

मैया तेरी हो रही जय जयकार ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मैं पहुंची भवन के अंदर वहां बैठी तीनों बहना,

मैं रज रज दर्शन पाए ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………..

मैंने ऊँची करी चढाई और भैरव मंदिर आई,

मेर बन गए सारे काम ओ शेरोवाली मैया,

बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।